फतेहाबाद जिले के एतिहासिक पुरातत्व स्थल

फतेहाबाद जिले के गठन से पहले हड़प्पा कालीन संस्कृति के समय प्राचीन वस्तु व अवशेष प्राप्त हुए है  हुए है , तो आइए जानते है फतेहाबद जिले के कौन कौन से पुरातत्व स्थल है 

बनावली

यह फतेहाबाद से  16 किलोमीटर दूर स्थित है जो सिंधु घाटी से संबंधित है इस स्थल पर खुदाई का कार्य 1973-74 मे रवींद्र सिंह बिष्ट की देख रेख मे किया गया था जाह्न पर हड़प्पा कालीन संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए थे और खुदाई के एमी मिट्टी के बर्तन,मईटी के हल, कीमती पत्थर, टेरोकोटा पत्थर प्राप्त हुए थे और यह स्थल ईंटों से बने एक किले की दीवार के अस्तित्व से प्रतिशोधित है   

कुनाल

यह फतेहाबाद जिले के रतिया तहसील मे स्थित है, कुणाल अपने ऐतिहासिक टीले के लिए जाना जाता है जो फतेहाबाद जिले मे सूखी सरस्वती नदी के किनारे पर स्थित है। यह हरियाणा प्रदेश का सबसे पुराने पुरुातात्त्विक स्थलों में से एक है।

इस हड़प्पास्थल का 1986 में जे. एस. खत्री एवं एम. आचार्य द्वारा उत्खनन किया गया था। यहां पर खुदाई के दौरान सोने एवं चांदी के गहने, तांबे की वस्तुएं, चपटी कुल्हाड़ी, मछली पकड़ने के कांटे, अंगूठियां, भाले आदि प्राप्त हुए है।

कुणाल टीला पर की गई सारी खुदाइयों से पूर्व हड़प्पा संस्कृति के विकास के तीन चरणों का एक बहुत महत्वपूर्ण प्रमाण मिलता है। इसे पता चलता है कि कैसे लोग पहले गड्ढों में रहते थे और फिर वे मिट्टी की ईंटों के घर बनाने लगे और अंत में वे चौक और आयताकार आकार के घरों को बनाने के लिए भट्ठी में बनी ईंटों का इस्तेमाल करने लगे।

अभी हाल ही मे इसी स्थान पर 4 एकड़ मे म्यूजियम भी बनाए जाने की योजना है 

अशोक पिलर

यह फतेहाबाद के ईदगाह के  केंद्र मे स्थित है, यह पत्थर का बना हुआ खंभा है, जिसकी ऊंचाई 5 मीटर से कम और बेस से परिधि से 1.90 मीटर्स कम है  खंभे पर उत्कीर्ण पर अशोकन अभिलेख लिखा हुआ था, जिसे चीन लिया गया और अब उस पर तुगलक शिलालेख लिखा दिया गया